श्री कृष्ण और रुक्मिणी विवाह की पूरी कथा: रुक्मिणी जी द्वारका कैसे पहुंचीं?
जानिए श्री कृष्ण और रुक्मिणी जी के विवाह की पूरी पौराणिक कथा, रुक्मिणी का संदेश और कृष्ण द्वारा उन्हें अपने साथ ले जाने का प्रसंग।
श्री कृष्ण और रुक्मिणी विवाह की पूरी कथा
भगवान श्री कृष्ण और रुक्मिणी जी के विवाह की कथा हिंदू धर्म की प्रसिद्ध पौराणिक कथाओं में से एक है। इसमें प्रेम, साहस और अपने जीवनसाथी के चुनाव का प्रसंग मिलता है।
रुक्मिणी जी ने कृष्ण को संदेश क्यों भेजा?
श्रीमद्भागवत महापुराण के दसवें स्कंध में वर्णन है कि विदर्भ के राजा भीष्मक की पुत्री रुक्मिणी श्री कृष्ण को अपना पति मानती थीं। लेकिन उनके भाई रुक्मी उनका विवाह शिशुपाल से कराना चाहते थे।
रुक्मिणी जी ने एक ब्राह्मण के माध्यम से कृष्ण को संदेश भेजा। संदेश मिलने पर कृष्ण विदर्भ पहुंचे और रुक्मिणी जी को अपने साथ ले गए। बाद में दोनों का विवाह हुआ।
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इस कथा से क्या सीख मिलती है?
यह कथा साहस, विश्वास और जीवन के महत्वपूर्ण निर्णयों में अपनी इच्छा व्यक्त करने के महत्व पर विचार करने की प्रेरणा देती है।
जय श्री कृष्ण!
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