श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत क्यों उठाया था? जानिए पूरी कथा
गोवर्धन लीला की संपूर्ण कथा पढ़ें। जानिए श्रीकृष्ण ने पर्वत क्यों उठाया, ब्रजवासियों की रक्षा कैसे की और गोवर्धन पूजा का महत्व क्या है।
श्रीमद्भागवत महापुराण में गोवर्धन लीला भगवान श्रीकृष्ण की महत्वपूर्ण लीलाओं में से एक है। कथा के अनुसार, ब्रजवासी इंद्रदेव की पूजा की तैयारी कर रहे थे। बाल कृष्ण ने उन्हें गोवर्धन पर्वत और प्रकृति से प्राप्त होने वाले उपकारों का महत्व समझाया।
ब्रजवासियों ने कृष्ण की सलाह पर गोवर्धन की पूजा की। इससे इंद्रदेव क्रोधित हो गए और उन्होंने ब्रज में तेज वर्षा कर दी।
श्रीकृष्ण ने पर्वत उठाकर रक्षा की
लगातार वर्षा से ब्रजवासियों को संकट का सामना करना पड़ा। तब श्रीकृष्ण ने अपनी छोटी उँगली पर गोवर्धन पर्वत उठा लिया। ब्रजवासी और उनके पशु पर्वत के नीचे आश्रय लेकर सुरक्षित रहे।
कथा में बताया गया है कि सात दिनों तक कृष्ण ने ब्रजवासियों की रक्षा की। अंततः इंद्रदेव को अपनी भूल का एहसास हुआ और उन्होंने कृष्ण की महिमा स्वीकार की।
गोवर्धन पूजा का महत्व
गोवर्धन पूजा प्रकृति, पशुधन और जीवन को सहारा देने वाले संसाधनों के प्रति कृतज्ञता का संदेश देती है। यह कथा अहंकार त्यागने और दूसरों की रक्षा करने की प्रेरणा भी देती है।
संबंधित लेख: कृष्ण जन्म कथा, कालिया नाग लीला और कंस वध।
संदर्भ: श्रीमद्भागवत महापुराण, दशम स्कंध।
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