कंस को किसने दी थी उसके अंत की भविष्यवाणी? जानिए पूरी कहानी
जानिए कंस को देवकी के आठवें पुत्र से मृत्यु का भय क्यों हुआ और आकाशवाणी ने मथुरा के राजा का जीवन कैसे बदल दिया।
मथुरा का राजा कंस अपनी शक्ति और शासन के लिए जाना जाता था। श्रीमद्भागवत की कथा के अनुसार, उसकी बहन देवकी का विवाह वसुदेव से हुआ। विवाह के बाद कंस स्वयं उन्हें विदा करने के लिए रथ चला रहा था।
उसी समय आकाशवाणी हुई कि देवकी का आठवाँ पुत्र कंस का अंत करेगा। यह सुनते ही कंस के मन में भय उत्पन्न हो गया। उसने देवकी और वसुदेव को बंदी बना लिया, ताकि भविष्यवाणी को सच होने से रोक सके।
भय ने कंस को अत्याचारी बना दिया
कंस ने अपनी बहन के परिवार पर अत्याचार किए और देवकी की संतानों को खतरे में डाल दिया। लेकिन भविष्यवाणी से बचने के उसके प्रयास सफल नहीं हुए। आठवें पुत्र के रूप में श्रीकृष्ण का जन्म हुआ और उन्हें गोकुल पहुँचा दिया गया।
बड़े होने पर श्रीकृष्ण मथुरा पहुँचे और अंततः कंस का वध किया। इस घटना को अधर्म पर धर्म की विजय के रूप में देखा जाता है।
इस कथा से क्या सीख मिलती है?
कंस की कहानी बताती है कि भय और अहंकार व्यक्ति की बुद्धि को प्रभावित कर सकते हैं। दूसरों पर अत्याचार करके अपने भविष्य को नियंत्रित नहीं किया जा सकता।
आगे पढ़ें: श्रीकृष्ण का जन्म कैसे हुआ? और कंस वध की पूरी कथा।
संदर्भ: श्रीमद्भागवत महापुराण, दशम स्कंध।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0