श्री कृष्ण और सुदामा की मित्रता की कहानी: एक मुट्ठी चावल का प्रसंग
पढ़िए श्री कृष्ण और सुदामा की अनमोल मित्रता, द्वारका में उनके मिलन और भेंट में लाए गए चावलों से जुड़ी प्रसिद्ध कथा।
श्री कृष्ण और सुदामा की मित्रता की कहानी
भगवान श्री कृष्ण और सुदामा की मित्रता भारतीय परंपरा में निस्वार्थ प्रेम और समानता का प्रसिद्ध उदाहरण है।
द्वारका में सुदामा का आगमन
कथा के अनुसार, सुदामा अत्यंत निर्धन जीवन जी रहे थे। पत्नी के आग्रह पर वे अपने पुराने मित्र कृष्ण से मिलने द्वारका पहुंचे। उनके पास भेंट के रूप में थोड़े से चावल थे।
द्वारका पहुंचने पर कृष्ण ने सुदामा का प्रेमपूर्वक स्वागत किया। उन्होंने अपने मित्र को गले लगाया और उनका आदर-सत्कार किया।
श्रीमद्भागवत में वर्णित इस प्रसंग में कृष्ण सुदामा की छोटी-सी भेंट को भी बड़े प्रेम से स्वीकार करते हैं।
आगे पढ़ें: श्री कृष्ण की पूरी जीवन कथा, मथुरा से द्वारका तक की कहानी और श्री कृष्ण जन्म कथा.
सीख
सच्ची मित्रता धन-दौलत पर नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास और सम्मान पर आधारित होती है।
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